Thursday, February 5, 2026
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Best Chai Shayari | चाय पर शायरी | 1 कप चाय हो जाए

Chai shayari: चाय एक ऐसा शब्द है जिसका नाम सुनकर ही शरीर में ताज़गी और स्फूर्ति आ जाती है.
चाय एक ऐसी चीज़ है जो इंसान को हर समय पसंद होती है. जब भी दिमाग में तनाव या शरीर में थकान महसूस हो तो चाय पीना बहुत अच्छा लगता है.
चाय के मिलते ही कुछ गुनगुनाने या उसकी तारीफ में 2 शब्द कहने का दिल करता है. और यार दोस्त साथ बैठे हों तो फिर चाय पर शायरी भी होने लगती है.
इसलिए हमने यहाँ आप सबके लिए चाय पर कहे जाने वाले कुछ अच्छी शायरी का कलेक्शन “Best Chai Shayari” लेकर आएं हैं. और आशा करते हैं, की आप सबको काफी पसंद भी आएगी.

Chai Shayari | चाय पर शायरी

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लोगों को मिलता होगा सुकून इश्क से,
हमें तो सुबह की चाय के बिना चैन नहीं.

ज़िन्दगी ने तो बस बेचैनी दे रखी है हमे,
एक चाय ही तो है जो थोड़ा सुकून देती है.

अमीरी और गरीबी नहीं देखती साहब,
ये चाय है सबको एक सा सुकून देती है.

मिलते रहना किसी न किसी बहाने से
रिश्ते मजबूत होते हैं चाय पीने पिलाने से.

रिश्तों में थोड़ी और गर्माहट लायेंगे
आना हमारे यहाँ कभी,तुम्हे चाय पिलायेंगे.

चाय की चुस्की के साथ अक्सर
कुछ गम भी पीता हूं,
मिठास कम है जिंदगी में
मगर जिंदादिली से जीता हूं.

मुझे सुकून चाहिए और तुम चाहिए,
और शाम को एक कप चाय चाहिए.

उसने पूछा चाय में कितनी चीनी लोगे,
हमने कहा, एक घूंट पी कर दे दीजिये.

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ए ज़िन्दगी आ बैठ कर कहीं चाय पीते है
तू भी तो थक गयी होगी मुझे भगाते भगाते।

कुछ इस तरह से चीनी को बचा लिया करो
चाय जब पियो हमें जहन में बैठा लिया करो.

मेरे जज़्बातों को कोई तो सिला दो,
कभी घर बुला के चाय तो पिला दो.

काश कि हम चाय ही हो जाते,
वक़्त बे वक़्त आप को याद तो आते.

हाथों में चाय और यादों में आप हो,
उस खुशनुमा सुबह की फिर क्या बात हो.

मिलो कभी चाय पर फिर कोई किस्से बुनेंगे,
तुम खामोशी से कहना, हम चुपके से सुनेंगे.

चाय से हमारी मोहब्बत को कोई क्या जाने,
हर घूंट को महसूस करते हैं हम बड़ी तस्सली से.

शाम की एक चाय तुम्हारी, एक चाय हमारी,
कुछ किस्से तुम्हारे और कुछ किस्से हमारे.

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ख्यालों का कोहरा यादों की धुंध,
चाय की चुस्की और थोड़े थोड़े तुम.

तेरी यादों सी है ये चाय की मिठास,
हर घूंट में बसती है बस तेरी तलाश.

सारे गमों की दवा लाया हूँ ,
बैठो दोस्तों, एक एक कप चाय लाया हूँ.

कड़वी सच्चाई और मीठी चाय,
दोनों ही ज़रूरी हैं इस ज़िन्दगी में.

ख़ुदा सबको ऐसी बीमारी से बचाए,
जिसमें हकीम चाय से परहेज़ बताए.

चाय की चुस्की के साथ
अक्सर कुछ ग़म भी पीता हूं,
मिठास कम है ज़िंदगी में
मगर जिंदादिली से जीता हूं.

ना इश्क़,ना मोहब्बत,ना बेक़रारी है,
हमें तो बस एक कप चाय की खुमारी है.

जिन्हे चाय पसंद नहीं इसमें उनकी खता नहीं,
चाय में कितना सुकून है शायद उन्हें पता नहीं.

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कभी सुकून की चुस्की,
तो कभी उलझन का किस्सा है,
ये चाय सिर्फ चाय नहीं,
हमारी जिंदगी का हिस्सा है.

मैंने देखा ही नहीं कोई मौसम,
मैंने चाहा है तुम्हे चाय की तरह.

किसी से वफ़ा की ना उम्मीद कीजिए,
बस चाय पीजिए और सबको दफ़ा कीजिए.

चाय पीना तो इक बहाना था,
आरज़ू दिल की तर्जुमानी थी.

मक़सद तो दिल की बातें सुनना-सुनाना है,
चाय तो फकत मुलाक़ात का एक बहाना है.

मुझे सुकून चाहिए और तुम चाहिए,
और शाम को एक कप चाय चाहिए.

लहजा थोड़ा ठडां रखे साहब
गर्म तो हमें सिर्फ़ चाय पसदं है.

वो कहते हैं चाय का एक वक़्त होता है,
हम कहते हैं हर वक़्त चाय का होता है.

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ज़िन्दगी हर दिन कुछ
उलझती जाती है,
बस चाय की प्याली थोड़ा
सुकून दे जाती है.

यूं तो बहुत सख्त है मेरा दिल
पर कमबख्त चाय पर पिघल जाता है.

ये खामोश से लम्हें
ये गुलाबी ठंड के दिन,
तुम्हें याद करते करते
एक और चाय तुम्हारे बिन.

मेरी शामें महकती हैं तेरी यादों से,
मेरी चाय में शामिल है मोहब्बत तेरी.

आज फिर उसकी
यादों में हम खोए रह गए,
चाय तो पी ली पर
बिस्किट रखे ही रह गए.

पहले चाय पर तुझसे बातें होती थीं,
अब चाय के साथ तेरी बातें होती हैं.

वो मोहब्बत अपने अंदाज में जताती है,
जब खुश होती है मेरे लिए चाय बनाती है.

अपनी जिंदगी का यही फलसफा है,
एक कप चाय और बाकि नाम ए वफा है.

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chai shayari images chai shayari

बरसात में घुल रही है महक अदरक की,
आज बूंदों को भी चाय की तलब लगेगी.

चलो इस बेफिक्र दुनिया को
खुल कर जी लेते हैं,
सब काम छोडो पहले चाय पी लेते हैं.

ऐसी एक चाय,सबको नसीब हो,
हाथ में कप हो औरसामने महबूब हो

आज फिर तेरी यादों में बह गए,
चाय पी ली और बिस्किट रह गए.

मेरे खुश रहने का जो किस्सा है,
इसमें चाय का अहम हिस्सा है.

सुनो हमारी एक राय है,
सबसे बेहतर चाय है.

चाहे दिसम्बर हो या जून,
चाय पीकर ही मिले सुकून.

हम अपनी नाराज़गी मिटा देते,
अगर वो हमे एक चाय पिला देते.

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तुम,हम और ये चाय,
ज़िंदगी मुकम्मल हो जाए.

चाय,दोस्त और पुराने किस्से,
ये ही हैं ज़िंदगी के अटूट हिस्से.

छोटी सी सही पर एक ऐसी मुलाक़ात हो,
हम तुम ये चाय और हल्की सी बरसात हो.

मंजिलो की परवाह ना कीजिये,
ज़िंदगी एक सफर है चाय पीजिये.

कहां मिलता है ऐसा मौसम सुहाना,
आप,चाय और कोई खयाल पुराना.

इसकी हर चुस्की में बस एक ही बात,
सुकून अगर कहीं है तो बस चाय के साथ.

चाय से होती है हर सुबह खास,
हर घूँट में छुपा होता है एहसास.
चाय जब लबों से टकराती है,
फिर से जिंदगी मुस्कराती है.

फीकी चाय पिला कर मीठी बातें करती है,
इस तरह वह चीनी की कमी पूरा करती है.

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ये सर्द मौसम और ठंडी हवा,
चाय ही इलाज चाय ही दवा.

बात दर्द वाली हो या सर्द वाली,
ये चाय ही है जो संभाल लेती है.

जहन में तेरी याद औरआँखों में नमी है,
बारिश है और चाय भी,बस तेरी कमी है.

पी लो जरा अदरक वाली चाय,
फिर हर टेंशन को कह दो बाय.

ये एक एहसास नहीं,आदत बन चुकी है,
चाय हर कहानी की शुरुआत बन चुकी है.

दोस्ती की बात हो या प्यार का इज़हार,
चाय के बिना अधूरा सा लगता है यार.

उस शाम की क्या ही बात होगी,
जब सामने तुम और हाथ में चाय होगी.

एक तरफ़ा ही सही पर सौ दफा है,
चाय इश्क़ है और बाकि सब बेवफा है.

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उलझी सी ज़िंदगी और थके हुए हम,
एक कप चाय और सारे मसले खतम.

कुछ इस तरह से मेरी
ज़िन्दगी में उसका राज है,
जैसे चाय की चुस्की में,
अदरक का स्वाद है.

मौसम देख आज फिर नमी सी है,
मैं हूँ चाय है बस तेरी कमी सी है.

सुबह की पहली पसंद,शाम की तलब है,
जनाब ये चाय है इसकी बात ही अलग है.

थोड़ी आपकी थोड़ी मेरी राय हो जाए,
आइये किसी नुक्कड़ पर चाय हो जाए.

इसने सारे दुःख दर्द को संभाल रखा है,
और आप कहते हो कि चाय में क्या रखा है.

कोई इसे नशा तो कोई इसे शौक मानता है,
चाय का असली मजा तो पीने वाला जानता है.

फ़िज़ा में घुल रही है है
महक अदरक की,
आज बारिश भी चाय की
तलबगार हो गयी.

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